Tuesday, July 11, 2023

क्या पता कितने दिन है जिंदगी? क्या पता कितने लम्हे है यह जिंदगी?

कितने दिन है यह जिंदगी, क्या पता कितने दिन हैं यह जिंदगी ?
कितने दिन लिखी है खुदा ने यह जिंदगी पता नहीं? आज है मेरे पास कल है भी कि नहीं पता नहीं?
कुछ भी हो सकता है, कुछ भी संभव है! असंभव कुछ भी रहा नहीं।
रोते हुए बैठ सकता हूं, या फिर हंसते हुए एक नई ऊंचाई छूने की कोशिश कर सकता हूं। और जो भी करना है वह मुमकिन है, और अगर ठान लो तो मैं आज कर सकता हूं।
कल की क्यों फ़िक्र क्योंकि मेरे पास तो सिर्फ आज है कल का तो मुझे पता नहीं,
कितने दिन है यह सफ़र ए जिंदगी, क्या पता कितने दिन है यह जिंदगी?
कहते हैं वह आज उन्होंने किसी अपने को खोया कहती है दुनिया कि आज किसी लेजेंड को खोया,
वह कोई मेरा अपना भी हो सकता था! वह कोई मैं भी हो सकता था। वह कोई आप भी हो सकते थे और वह कोई भी हो सकता है। क्योंकि मुझे क्या किसी को पता नहीं के कितने दिन है जिंदगी वक्त खुदा ने मुझे लिखकर नहीं दिया था कि मैं कितने दिन जिऊंगा पर खुदा ने यह जरूर बोल कर भेजा था कि जितना जी लूंगा उतना एक मकसद के साथ जिऊंगा। अगर अब तक भी मकसद मिला नहीं तो फिर रोना नहीं, तूने जिंदगी में कुछ किया ही नहीं अगर यह पढ़ने के बाद भी एहसास हो कि साला सच में कुछ किया नहीं तो जाकर खोज उस आईने में खुद को कि आज तक तू खुद को क्यों मिला नहीं?

मिल जाए जिंदगी खुद को क्योंकि कितने दिन है मेरे पास पता नहीं कितने पल बचे हैं जिंदगी में?
अगर था दिल में सच में कुछ जरूरी तो अब तक क्यों किया नहीं ? अब तक क्यों किया नहीं?
अगर एहसास उसका अब भी है और फिर भी खुद को रोक कर बैठे हो, और फिर वह मौका ही छूट जाए तो फिर रोना नहीं, क्योंकि जब कुछ कहना था तुम्हें, जब कुछ करना था तुम्हें तब किया नहीं! क्योंकि शायद जिससे कहना भी था वह आज है, कल है भी कि नहीं? क्या पता कितने दिन है जिंदगी? क्या पता कितने लम्हे है यह जिंदगी? 
In respect and love of Irrfan Khan and Rishi Kapoor sahab. 
Written by Ashishkumar Tailor

No comments:

Post a Comment